विनायक चतुर्थी पर गणेश जी की आरती करने के बाद पढ़ें ये मंत्र, दूर होगी हर बाधा !!

नई दिल्ली !!
आज 5 अप्रैल को विनायकी चतुर्थी पर व्रत रखा जाएगा. वैसे तो ये व्रत हर महीने शुक्ल पक्ष में पड़ता है. लेकिन, नवरात्रि के बीच में पड़ने से इस विनायकी श्री गणेश चतुर्था का महत्व और बढ़ गया है. सोने पर सुहागा ये बात है कि इस बार ये मंगलार के दिन पड़ रही है. मंगलवार को पड़ने वाली चतुर्थी को अंगारकी चतुर्थी के नाम से भी जाना जाता है. अंगारकी चतुर्थी का व्रत कर्ज से मुक्ति के लिये बेहद कारगर है. दरअसल, अंगारकी चतुर्थी अंगारक शब्द से बनी है और अंगारक मंगल का ही एक नाम है और मंगल का सीधा संबंध कर्ज से है|

चैत्र नवरात्रि के दौरान मां दुर्गा के नौ स्वरूपों के साथ ही अलग-अलग शक्तियों या देवी-देवताओं की उपासना का भी बड़ा महत्व होता है. इसलिए, आज श्री गणेश भगवान की उपासना करना, उनके मंत्रों का जप करना और उनके निमित्त विशेष उपाय करना आपके लिये बड़ा ही लाभकारी सिद्ध होगा. तो, चलिए आपको बताते हैं कि आज पूजा के बाद आप कौन-से मंत्र पढ़ सकते हैं|

आज भगवान गणेश की विधि पूर्वक पूजा करने के बाद भगवान श्री गणेश जी के वक्रतुण्डाय मंत्र का पुरस्चरण यानि की जप करना चाहिए. मंत्र इस प्रकार है- ”वक्र तुण्डाय हुं”|

अगर आप अपने धन-दौलत में वृद्धि करना चाहते हैं, तो आज अन्न में घी मिलाकर 108 आहुतियां दें और हर बार आहुति के साथ मंत्र पढ़ें –

”वक्र तुण्डाय हुं.”

गणेश जी की पूजा के बाद आरती करें उसके बाद इस मंत्र का जाप करना चाहिए –

वक्रतुण्ड महाकाय सूर्यकोटि समप्रभ।

निर्विघ्नं कुरु मे देव सर्वकार्येषु सर्वदा॥

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