नॉर्थ ईस्‍ट के बाद अब 3 दिन इन राज्यों में भारी बारिश का अनुमान !!

हाइलाइट्स –
अपने निर्धारित समय से एक सप्ताह पहले पहुंचेगा मानसून !
मानसून 26 मई के आसपास तट पर पहुंचने की संभावना !

नई दिल्‍ली !!
दक्षिण-पश्चिम मानसून के अपने निर्धारित समय से लगभग एक सप्ताह पहले 16 मई को अंडमान सागर के ऊपर पहुंच जाने का असर अब भारतीय मौसम पर पड़ेगा. मौसम विशेषज्ञों का अनुमान है कि अगले 3 दिनों में केरल, तटीय और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक और तमिलनाडु के अंदरूनी इलाकों में शक्तिशाली और व्यापक मानसून पूर्व आंधी गतिविधि होगी. अगले 3 दिनों में कुछ स्थानों पर बहुत भारी वर्षा और कुछ स्थानों पर अत्यधिक भारी वर्षा होने की संभावना है. विशेषज्ञों ने स्पष्ट किया है कि हालांकि, अंडमान सागर के ऊपर मानसून का जल्दी आना केरल में समय से पहले ‘दस्तक’ देने का कोई आश्वासन नहीं है, लेकिन इस बार 26 मई के आसपास तट पर पहुंचने की संभावना है|

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दक्षिण-पश्चिम मानसून के अपने निर्धारित समय से लगभग एक सप्ताह पहले अंडमान सागर के ऊपर पहुंचने से कार निकोबार में पिछले 2 दिनों में 100 मिमी से अधिक बारिश हुई है. अब पूरे अंडमान सागर और दक्षिण और मध्य बंगाल की खाड़ी के अधिक भागों में मानसून के आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल हैं. मानसून 26 मई के आसपास केरल पहुंचने की ओर है. यह अपनी 1 जून की सामान्य तारीख से काफी पहले यहां पहुंच जाएगा. एजेंसी का कहना है कि इस बार मानसून के 2009 के बाद से सबसे पहले शुरू होने की संभावना है. 2009 में मानसून 23 मई को केरल तट से टकराया था. संयोग से वर्ष 2009 एक अल नीनो वर्ष था और भारतीय उपमहाद्वीप में भीषण सूखे का परिणाम मॉनसून ने बुरी तरह प्रभावित किया था|

एजेंसी का कहना है कि, मौजूदा वक्त में प्रशांत महासागर सहित दुनिया भर में कहीं भी सक्रिय तूफान नहीं है. तदनुसार, मानसून की आगे की प्रगति मजबूत क्रॉस इक्वेटोरियल प्रवाह के साथ दक्षिण-पश्चिमी हवाओं के मजबूत होने पर निर्भर करती हैं. मौसम एजेंसी के विशेषज्ञों का कहना है कि, अगले 3 दिनों में केरल, तटीय और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक और तमिलनाडु के अंदरूनी इलाकों में शक्तिशाली और व्यापक मानसून पूर्व आंधी गतिविधि होगी. इसके तहत अगले 3 दिनों में कुछ स्थानों पर बहुत भारी वर्षा और कुछ स्थानों पर अत्यधिक भारी वर्षा होने का पूर्वानुमान है. यह गतिविधि लक्षद्वीप पर अपतटीय भंवर द्वारा संचालित होगी, जो दक्षिण प्रायद्वीप पर अंतर्देशीय बहती है|

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उनका कहना है कि अराकान तट पर एक और सर्कुलेशन मानसून को बंगाल की खाड़ी के पूर्वी हिस्से में जोरदार बनाए रखेगा. इन प्रणालियों का संयुक्त प्रभाव पूरे अंडमान सागर और मध्य बंगाल की खाड़ी में मानसून को और आगे ले जाएगा. मानसून की उत्तरी सीमा (NHM) श्रीलंका के द्वीप राष्ट्र के करीब आ जाएगी. हालांकि एजेंसी का कहना है कि, अंडमान सागर के ऊपर मानसून का जल्दी आना केरल में समय से पहले ‘दस्तक’ देने का कोई आश्वासन नहीं है, लेकिन इस बार 26 मई के आसपास तट पर पहुंचने की संभावना है|

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